तहेज्जुद की नमाज़ के वो फायदे जिन्हें सुनकर आप कभी तहेज्जुद नहीं छोड़ेंगे, मुफ़्ती तारिक ने फ़रमाया…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आज हम आपको बताएंगे तहज्जुद की नमाज की फजीलत। जो शख्स रात के अंधेरे में अल्लाह से रहमत की उम्मीद करते हुए ,आख़िरत के दिन अल्लाह के सामने पेश होने का खौफ लिए हुए ,क़याम की हालत में या सजदे की हालत में रात गुज़रता है भला उस पर अल्लाह की रहमत नहीं होगी तो और किस पर होगी? आप रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का फरमान है की रमज़ान के रोज़े के बाद अगर कोई रोजा सबसे अफ़ज़ल है तो वह मुहर्रम का है और फ़र्ज़ नमाज़ के बाद अगर कोई फ़ज़ीलत वाली नमाज़ है तो वह रात की नमाज़ है.

दोस्तों क्या आपने कभी गौर किया है कि अल्लाह के निजाम का भी जारिया है रात को भी नमाज़ है दिन को भी नमाज़ है।अल्लाह ने कुछ नमाज़ दिन को रखी तो कुछ रात को।अब सोचने वाली बात ये है कि रात की नमाज़ को अफ़ज़ल क्यों कहा गया है? वो नमाज़ जो तुम अकेले में पढते हो और वो नमाज़ जो तुम लोगो के साथ पढ़ते हो। मेरे भाइयों वो नमाज़ जो तुम अकेले में पढ़ते हो सबके साथ पढ़ी गई नमाज़ से 25 गुना ज़्यादा फ़ज़ीलत वाली होती हैं वजह ये है कि जब आप सब के साथ नमाज पढ़ते हैं तो पूरी दुनिया आपको देखती है लेकिन जब आप अकेले में नमाज़ पढ़ते हैं उस वक़्त आप को सिर्फ अल्लाह देखता है आप किसी और को दिखाने के लिए नमाज़ नहीं पढ़ते हैं.

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तहज्जुद ऐसी नमाज़ है जिससे गुनाह माफ होते हैं और आप के जिस्म की बीमारियां अल्लाह खत्म कर देता है। दोस्तों हर कोई चाहता है कि वो जो बात कहे उसे कोई काट न सके और रात को नमाज़ पढ़ने वाले ऐसे ही होते हैं जिनकी बात में ऐसा वज़न आजाता है कि जिसे कोई काट नहीं पाता है क्योंकि तहज्जुद पढ़ने वाले पर अल्लाह की रहमत होती है.

दोस्तो अगर कोई इंसान रात को यह नियत करके सोए कि या अल्लाह मैं आधी रात को तहज्जुद की नमाज के लिए उठ जाऊं और वह शख्स सो जाए उसकी आंख सुबह खुलें तो अल्लाह कहता है कि इस बंदे ने नियत की थी आधी रात को उठने की लेकिन मैंने ही इसे सुलाया इसलिए इसनें जो नियत की उसे पूरा कर दो यानी कि इसने भले ही तहज्जुद नहीं पढ़ी है फिर भी इसके हिस्से में तहज्जुद की नमाज का सवाब लिख दो.

मेरे नबी ने फरमाया की जब लोग सो रहे हो तो तुम मुसल्ला बिछाओ और नमाज पढ़ने लगो। इंसान जितनी भी तन्हाई में नमाज पढ़़ेगा उतना ही ज्यादा अल्लाह के करीब होगा ।कुरान में अल्लाह ने कहा है कि अल्लाह दिखावे की नमाज को कुबूल नहीं करता। मेरे भाइयों चार काम ऐसे हैं जिसे करने से अल्लाह आप से बहुत खुश होता है पहला यह है कि दुनिया में सलाम को फैलाओ.

दूसरा यह है कि दूसरों को सिला याफ़ता करो ,तीसरा लोगों को खाना खिलाओ और पानी पिलाओ और चौथा है रात की नफिल नमाज को पढ़ो इन 4 कामों को करने वाले अल्लाह के बहुत करीब हो जाते हैं और अल्लाह की तमाम रहमते इन पर बरसती है.

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