लोगों को सेह’तमं’द बनाने के लिए इस मु’स्लि’म देश ने लिया बड़ा फैस’ला, लगाया इस चीज पर..

आजकल का लाइफस्टाइल कुछ ऐसा हो गया है कि हम प्राकृतिक चीजों से दूर हटकर कृ’त्रि’म चीजों पर नि’र्भ’र होते जा रहे हैं। खाने के मामले में भी हम ऐसी चीजें अपने डेली रूटीन में शामिल कर रहे हैं। जो हमारी सेह’त को नु’क’सान हो जाती हैं। हमने अक्सर इस बात को सुना है कि हमें रोजमर्रा की जिंदगी में सॉ’फ्ट ड्रिं’क्स नहीं पीनी चाहिए।

इनसे हमारे हाथ में कि खराब होने के चांसेस रहते हैं। सेह’त के लिए ऐसे ड्रिंक्स को हा’नि’कार’क माना जाता है। जिससे हमारे शरीर में मो’टा’पा बढ़ता है और इससे जुडी कई बी’मा’रियां पन’पती हैं। अब खबर सामने आ रही है कि अलग-अलग देश की सरकारें इस संदर्भ में बड़े फै’सले ले रही हैं। माना जा रहा है कि यूएई सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से देश में स्थित सॉफ्ट ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों की बि’क्री में भारी क’मी आ सकती है।

Plastic bottles of assorted carbonated soft drinks in variety of colors

हाल ही में हुए की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए यह फैस’ला लिया है कि इस तरह के उत्पा’दों पर टै’क्स की दर बढ़ाई जाएगी यानी कि अब सॉफ्ट ड्रिंक्स पर 50% तक का टै’क्स लगाया जा सकता है। खबर के मुताबिक, 1 जनवरी 2020 से सॉफ्ट ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाने वाला पाउडर दोनों ही पर टैक्स की दर बढ़ेगी।

इसके अलावा इले’क्ट्रो’निक स्मो’किं’ग डिवाइस पर भी दर बढ़ाई जाएगी। इसी संदर्भ में सरकारी समाचार एजेंसी ने बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि यह कदम सरकार द्वारा इसलिए उठाया जा रहा है कि देश में हा’निका’रक उत्पा’दों के इस्तेमाल में कमी आए और लोग अपनी यह बुरी आदतों में बदलाव कर सके। कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि सॉ’फ्ट ड्रिं’क्स पर 50% टैक्स लगाया जाएगा।

आपको यह बता दें कि इसके आलावा अब यूऐई में स्थित सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंप’नियों को यह भी बताना होगा कि उस ड्रिंक में शुगर कंटेंट कितना है। जिससे उ’पभो’गक’र्ता खुद ही यह हिसाब लगा सके कि उसे यह पीनी चाहिए या नहीं पीनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ सालों में UAE ने अपने टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किए हैं।

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