लड़की ने उँगलियों से अपनी एक आँख निकालकर चढ़ा दी देवी माँ को और कहा सपने में दुर्गा माँ ने…

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लड़की न चढ़ाई अपनी आँख: भारत एक बहुत बड़ा देश है। यहाँ पर कई तरह के लोग हैं। इनमें से कुछ विज्ञान पर भरोसा करते हैं तो कुछ धर्म पर। वहीँ कुछ ऐसे भी हैं जो धर्म और विज्ञान से परे अन्धविश्वास पर भी भरोसा करते हैं। ऐसे लोग कुछ भी कर सकते हैं। समय-समय पर लोगों के अन्धविश्वास की कहानियां सामने आती रहती हैं। लेकिन आज हम आपको अन्धविश्वास की एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आपकी रूह काँप जाएगी। आप सोच में पड़ जायेंगे कि क्या सच में कोई ऐसा भी कर सकता है?

तरह-तरह से लोग करते हैं माता को प्रसन्न करने की कोशिश:

आपकी जानकारी के लिए बता दें बिहार के जिले दरभंगा में एक बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक लड़की ने देवी माँ को खुश करने के लिए अपनी उँगलियों से अपनी आँखें निकालकर उन्हें चढ़ा दी। इस समय नवरात्री का समय चल रहा है। इस समय लोग तरह-तरह से माता दुर्गा को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। यह पूरी घटना मंदिर में पूजा के दौरान घटित हुई है। जब तक मंदिर में मौजूद लोगों की नज़र लड़की पर जाती लड़की की आँखें बाहर आ चुकी थी। दोस्तों यह घटना जरुर करीब 5 साल पुरानी है।

माता की चरणों में अर्पित करने के लिए निकाल ली खुद की आँखें:

लड़की की आँखें बहार निकलकर लटक रही थी। इस घटना को देखने के बाद वहां मौजूद हर व्यक्ति डर गया। लड़की का चेहरा पूरा खून से लाल हो गया। इस हालत में होने के बाद भी लड़की अपनी आँखें देवी माँ को अर्पित करने की बात करती रही। लड़की को इलाज के लिए तुरंत ही हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार लड़की की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। बिहार के दरभंगा जिले के बहेड़ी में सिरुआ गाँव के अरुण सिंह की बेटी कोमल कुमारी ने माता के चरणों में अर्पित करने के लिए खुद की आँखें निकाल ली।

कोमल ने पुजारी से कही अपनी आँख चढ़ाने की बात:

कोमल ने अपने हाथों से पनी बायीं आँख निकाल ली। इस घटना के बाद से पुरे इलाके में सनसनी फ़ैल गयी है। कोमल कलश यात्रा में शामिल हुई उर अन्य कुवांरी लड़कियों के साथ वह कलश लेकर मंदिर पहुंची। मंदिर में दरवाजा खोलने से पहले परम्परा के अनुसार चक्षु दान के लिए पूजा हो रही थी। इसी दौरान कोमल ने मंदिर के पुजारी से खुद की आँखें माता को चढ़ाने की बात कही। पुजारी ने कोमल को ऐसा करने से मना कर दिया। इस दौरान वह अपना सर झुकाए खड़ी रही लोगों को लग रहा था कि वह माता का ध्यान कर रही है।

इलाज के लिए करवाया गया अस्पताल में भर्ती:

कुछ ही देर बाद वह अपनी उँगलियों से अपनी आँख निकालने लगी। अचानक ही उसने अपनी बायीं आँख बहार निकाल ली। आँख बहार लटकने लगी। यह देखकर मंदिर में मौजूद हर व्यक्ति हैरान हो गया। लड़की की हालत ख़राब हो गयी थी, फिर भी वह माता को अपनी ऑंखें चढाने की जिद करती रही। यह देखकर आस-पास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया।

मंदिर में मौजूद लोगों ने स्थिति पर काबू पाया और जल्दी से लड़की के घरवालों को इस घटना के बारे में जानकारी दी गयी। इसके बाद इलाज के लिए कोमल को डीएमसीएच अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फ़िलहाल आँखों की जांच चल रही है, लेकिन ज्यादा सम्भावना है कि उसकी बायीं आँख की रौशनी चली जाएगी।

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