रावण के ये थे 7 सपने जो रह गये अधूरे , वरना आज धरती की सूरत कुछ और ही होती…

Unfulfilled Dreams Of Ravana

रामायण सीरियल देखने के बाद रामायण के कई पात्र आज भी हमारे जहन में ताजा है, उन्हीं में से खास पात्र है रावण।जैसा की हम सभी जानते है की हर वर्ष दशहरा का त्योहार अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाया जाता है।
ग्रंथों के अनुसार, विजया दशमी के दिन ही भगवान राम ने रावण का वध किया था। देवताओं तक को पराजित करने की क्षमता रखने वाला रावण महापंडित और महाज्ञानी था, लेकिन रावण ने एक गलती कर दी। वह अपने ज्ञान और बल के दम पर खुद को भगवान मान बैठा। खुद को भगवान मानकर वह ईश्वर के नियमों को बदलना चाहता था। Unfulfilled Dreams Of Ravana आज हम आपको रावण के वो 7 अधूरे काम बताते हैं जिसे अगर रावण ने पूरे किए होते तो आज धरती पर ही स्वर्ग होता।

स्वर्ग की सीढ़ी बनाना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अच्छे कर्म करने वाला मनुष्य स्वर्ग को प्राप्त करता है। वहीं रावण की इच्छा थी कि वह एक ऐसी सीढ़ी का निर्माण करे जो धरती को सीधे स्वर्ग से जोड़ दे इसीलिए रावण का सबसे पहला सपना था स्वर्ग में सीढ़ी बनाना। रावण हर व्यक्ति को स्वर्ग भेजना चाहता था। यही वजह थी कि वह धरती से लेकर स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाना चाहता था। रावण ने सीढ़ियां बनाने का काम शुरू कर दिया था, लेकिन जब तक यह सीढ़ी बनकर तैयार होती रावण भगवान राम के हाथों में मारा गया।

सोने को खुशबुदार बनाना

रावण का एक और सपना था, जो बेहद अलग था। रावण सोने में सुगंध भरना चाहता था। रावण सोने का बेहद शौकीन था, उसने तो अपनी पूरी नगरी भी सोने की ही बनाई थी| Unfulfilled Dreams Of Ravana कहते हैं कि सोने में माया-मोह का वास होता है और रावण की लंका तो सोने का भंडार मानी जाती थी। रावण की इच्छा थी कि इस कीमती धातु में सुगंध हो तो इसका मूल्य और ज्यादा बढ़ सकता है, परंतु वह ऐसा कभी नहीं कर पाया।

 

शराब से दुर्गंध दूर करना

रावण विलासी प्रवृत्ति का था। उसे मदिरा से प्रेम था और रावण अगर कुछ वक्त और जीवित रहता तो वह मदिरा को गंधहीन बना देता। रावण की इच्छा थी कि मदिरा में कोई गंध न हो जिससे सभी लोग मदिरापान का आनंद ले सकें। रावण की सबसे आखिरी इच्छा थी इस संसार में सभी भगवान की पूजा बंद कर उसकी पूजा करें। लेकिन रावण का यह सपना उसके साथ ही टूट गया।यह सपना पूरा होने से पहले ही उसका विनाश हो गया।

खून का रंग बदलना चाहता था रावण

रावण ने कई लोगों पर अत्याचार किए थे। उसमें अनेक निरपराध लोगों का रक्त बहा था। इसलिए रावण चाहता था कि खून का रंग लाल नहीं बल्कि सफेद होना चाहिए, ताकि उसके कारनामों की पोल न खुले। Unfulfilled Dreams Of Ravana काले रंग को गोरा करना- रावण खुद काला था इसलिए वो चाहता था कि मानव प्रजाति में जितने भी लोगों का रंग काला है वे गोरे हो जाएं, ताकि कोई भी महिला उनका अपमान न कर सके.

समुद्र के पानी को मीठा बनाना

रावण की लंका से समुद्र ज्यादा दूर नहीं था। उसकी इच्छा थी कि समुद्र का पानी खारा नहीं बल्कि मीठा होना चाहिए। उसका यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाया। बरहलाल रावण का जीवन सभी के लिए यह सबक है कि बुराई का मार्ग सदैव विनाश की ओर लेकर जाता है, चाहे कोई व्यक्ति कितना ही बलशाली और ज्ञानी क्यों न हो।

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