भवानीपुर समेत तीन सीटों पर बीच मतदान BJP ने TMC पर EVM बंद करने का आरोप लगाया, बनर्जी की किस्मत का फैसला

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WestBengalBypolls: पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हो रहा है. मतदान के लिए सभी सुरक्षा इंतेजाम कर लिए गए हैं. राज्य की भवानीपुर, शमशेरगंज और जंगीपुर विधानसभाओं के लिए उपचुनाव के लिए यहां के निवासी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए हो रहे उपचुनाव में सबसे रोचक और हाईप्रोफाइल मुकाबला भवानीपुर में ही है. यहां राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा की ओर से प्रियंका टिबरवाल टक्कर दे रही हैं.

पश्चिम बंगाल में तीन विधानसभा सीटों भवानीपुर, समसेरगंज और जंगीपुर में उपचुनाव हो रहे हैं, जहां गुरुवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। सबसे ज्यादा चर्चा में भवानीपुर सीट है क्योंकि यहां से खुद CM ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं। CM बने रहने के लिए उन्हें यह चुनाव जीतना जरूरी है। वहीं बीजेपी ने ममता के खिलाफ एडवोकेट प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा है।

कैंपेन के आखिरी दिन बीजेपी के 80 से ज्यादा नेताओं ने भवानीपुर के एक-एक वॉर्ड में पहुंचकर प्रचार-प्रसार किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और स्मृति ईरानी ने भी प्रचार किया। वहीं TMC ने भी पूरी ताकत प्रचार में झोंकी। ममता ने खुद एक के बाद एक ताबड़तोड़ रैलियां कीं, क्योंकि वे ऐतिहासिक जीत दर्ज करना चाहती हैं। कैंपन के दौरान ममता ने कहा- भवानीपुर सीट से फिर खेला शुरू हो रहा है और केंद्र से BJP को हटाने के साथ ही खत्म होगा।

मोदी के खिलाफ खुद को राष्ट्रीय स्तर पर खड़ा करने की तैयारी

भवानीपुर उपचुनाव में स्थानीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दे उठाए गए। ममता ने PM नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को निशाने पर रखा। CBI और ED पर सवाल खड़े किए गए। वहीं BJP ने विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को ही सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। बंगाल में संविधान खत्म होने की बातें भी कहीं गईं।


ऐसा क्यों : रविंद्र भारती यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और चुनाव विश्लेषक डॉ. विश्वनाथ चक्रवर्ती के मुताबिक इस चुनाव के बहाने ममता ने खुद को मोदी के खिलाफ एक तरह से खड़ा करने की कोशिश की है। उन्होंने कांग्रेस की भी आलोचना की। उपचुनाव के बहाने वे लोकसभा के लिए जमीन तैयार कर रही हैं। इसलिए बार-बार ये कहती नजर आईं कि भवानीपुर से फिर खेला शुरू हो रहा है, जो दिल्ली जीतकर खत्म होगा। यानी उपचुनाव के बहाने उन्होंने खुद को विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बनाने की कोशिश की है।

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