पाना चाहते है अपने दुखो से छुटकारा तो इस इंदिरा एकादशी जरुर करे ये छोटा सा उपाए !

दोस्तों आपका हमारे इस लेख में स्वागत है आज हम आपको 5 अक्टूबर 2018 को पड़ने वाले इंदिरा एकादशी का एक छोटा सा उपाय बताने जा रहे है जिसको करने से आप अपने सभी समस्याओ का छुटकारा पा सकते है तो आइये जानते है उस उपाय के बारे में, दोस्तों अश्विन मास के कृष्ण पक्ष में एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है ! इंदिरा एकादशी उपवास का विशेष महत्व है ! इससे पापो का नाश होता है और पूर्वजो को भी मुक्ति मिलती है ! इससे हमारा मान और शरीर दोनों ही संतुलित होते है ! इस एकादशी का उपवास करने से गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है ! 

जब कभी श्राद्ध श्रद्धा से न करके दबाव द्वारा किया जाता है या आयोग व्यक्ति द्वारा किया जाता है तो श्राद्ध के बाद भी मुक्ति नही होती है ! पित्र पक्शी एकादशी के दिन महाउपाय करके इस समस्या से छुटकरा पाया जा सकता है !

एकादशी के दिन उरद की दाल, उरद के बरे, और पुरिया बनाये और चावल का प्रयोग न करे और भागवत गीता का पाठ करे ! निर्धनों को भोजन भी कराये और उनसे आप आशीर्वाद ले इससे आपको पित्र दोष से मुक्ति मिलेगी ! पूर्वजो को भी मुक्ति भी मिलेगी !

दोस्तों अगर आप एक दीपक और लौंग का उपाय करते है तो उससे भी आपके सभी पाप ख़त्म हो सकते है ! आप इस उपाय के बाद भागवत गीता का पाठ जरुर करे इससे आपको बहुत फायदा होगा !  जैसे :- इसमें बताया गया है की निर्धनों को भोजन करना बहुत आवश्यक है ! दोस्तों अगर आपको कोई निर्धन न मिले तो आप किस बेजुबान को खाना जरुर खिलाये ! अगर आप उनको खाना खिलाते तो आपको उनसे आशीर्वाद जरुर प्राप्त होता है और वो आशीर्वाद सबसे लाभकरी सिद्ध होता है !

एकादशी के उपाय :-

दोस्तों सबसे पहले आपको एक दीपक लीजिये ! आप मिटटी का या फिर कोई और भी दीपक ले सकते है ! दोस्तों दीपक लेने के बाद आपको उसमे शुद्ध देसी घी डाल देना है ! दोस्तों दीपक में शुद्ध देसी घी डालने के पश्चात आपको अपने पूजा घर के सामने बैठना है ! आपके सामने विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की तस्वीर होने चाहिए और आपको उनके आगे आपको उस दीपक को जला देना होगा ! इसके साथ ही दोस्तों आपको एक साबुत लौग लेनी होगी !

दोस्तों लौग पूरी तरह से साबुत होने चाहिए और उसके ऊपर का फूल भी साबुत होना चाहिए ! दोस्तों इस लौग को लेने के बाद इसको भी आपको विष्णु जी के पास रखना है ! उसके बाद आपको अपने दोनों हाथ जोड़कर आपको इस मन्त्र का जाप करना है :- ॐ नमो: भगवते वासुदेवाय ! दोस्तों आपको इस मन्त्र का 21 जाप करना है ! इस मन्त्र का जाप होने के पश्चात दोस्तों आपको उस लौंग को अपने दाहिने हाथ से आपको उठाना है ! दोस्तों आपकी जितनी भी समस्या है आपको उस लौग से बोल देनी है ! दोस्तों आप अपने भगवान विष्णु जी से परेशानियाँ बोलने के बाद आप अपने जाने-अनजाने में हुए पाप की क्षमा जरुर मागे !

दोस्तों ये होने के पश्चात आपको उस लौग को आपको इस दीपक में यानि देसी घी में दाल देना है ! ये लौग उस देसी घी में पूरी तरह से डूब जानी चाहिए ! दोस्तों जब आप उस लौग को उस दीपक में डाल देगे उसके बाद आपको उस दीपक का मुहँ पूरब की और कर   देना है ! फिर उस दीपक को आपको पूजा घर के सामने पूरी रात रख देना है ! इसके बाद दोस्तों आपको सो जाना है !

दोस्तों आपको ये उपाय परेशानी के लिए करना है ! दोस्तों आपके सोने के बाद अगले दिन यानि 6 अक्टूबर को जब आपकी नींद खुलेगी आपके स्नान के बाद , पूजा पाठ के बाद आप उस दीपक से लौग को निकाल ले ! दोस्तों अगर ये लौग आपको जली हुई मिलती है तो    बिलकुल चिंता करने की कोई आवश्यकता नही है क्योकि अगर आपके घर में अगर कोई नकारत्मक शक्ति हो तो ये लौग उसको अपने और खीच लेती है ! अगर ये लौग जली हुई मिलती है तो इसे शुभ संकेत माना जायगे !

दोस्तों आपको लौग कैसी भी मिले आपको उस लौग को दीपक में से उठाना होगा ! उसके बाद आपको उस लौग को किसी बड़े पेड के नीचे   दबा देना होगा ! दोस्तों अगर वो पीपल का पेड हो तो वो आपके लिए और  भी अच्छा है ! दोस्तों इस उपाए को करने के बाद आपके घर के सभी समस्या समाप्त हो जायगी ! अगर आपके घर में किसी सदस्य को भी यदि कोई परेशनी हो तो आप भी इस लौग से बोल सकते है ! आप अपने पुरे घर से परेशानी और समस्या भी आप इस लौग से बोल सकते है !  दोस्तों इस उपाय को करने से आपको  बहुत अधिक लाभ मिल सकता है और ये लाभ आपको बहुत ही जल्दी मिलेगा ! आपको इसका असर आपको  दिन  से दिखने लगेगा ! दोस्तों आपको  इस उपाए का लाभ छोटी-छोटी चीजो में भी दिखने लगेगा ! 

दोस्तों आपको ये उपाय 5 अक्टूबर यानि इंदिरा एकादशी को रात 8:०० बजे के बाद ही करना है ! आप इस उपाय को अँधेरा होने के बाद ही करे ! आप इस उपाय को रात 12:०० बजे से पहले किसी भी समय कर सकते है ! 

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