शनिश्चरी अमावस्या के दिन जरुर करे इस मन्त्र का जाप हो जायगे पितृ दोष से मुक्त

दोस्तों आपका हमारे इस लेख में स्वागत है आज हम आपको इस लेख में ऐसे मन्त्र के बारे में बताने वाले है जिसको शनिश्चरी अमावस्या के दिन बोलने से अगर आप पित्र दोष से पीढित है तो आप पित्र दोस्त से मुक्त हो जायेगे ! तो आइये दोस्तों शुरू करते है ! हिन्दू धर्म के अनुसार जिस दिन चंद्रमा पूरी तरह से दिखाई नही देता है उस दिन को अमावस्या कहा जाता है और दोस्तों जिस दिन चंद्रमा दिखाई नही देता उन दिन उसे बिना चंद्रमा का दिन भी कहते है ! हिन्दू मान्यताओ में यहाँ दिन बहुत मायने रखता है तथा इस दिन कुछ लोग अपने पूर्वजो की भी पूजा करते है और प्रसाद चढाते है ! अमवस्या शुभ या अशुभ भी हो सकती है !

9 अक्टूबर को अमवस्या के दिन अमवस्या पड़ रहा है ! इस दिन यहाँ शनि देव का प्रिय दिन शनिश्चरी अमवस्या कहा जायेगा ! शनि समस्याओ का निवारण करने हेतु शनि मन्त्र विशेष रूप से शुभ रहते है ! शनि देव दे पीड़ित जातक शनि यंत्र धारण अवश्य करे तथा कला वस्त्र व् नारियल को तेल लगाकर काले तिल, उरद की डाल , घी अदि वस्तु अंधविधालय, अनाथ आश्रम आदि में दान करे !  पित्र दोष से पीड़ित   जातको का काली गाय को दान करने से 7 पीढियों का उद्धार होता है ! शनि प्रकोप व संतान से पीड़ित जातको को उरद की दाल के पकोड़े, काले गुलब जामुन और इमारती 101 कुत्तो व् कौओ को जरुर खिलाये ! शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर शनि देव जी को सरसों और काले तिल का तेल , काले वस्त्र , उरद की दाल फुल व तेल से बने पकवान समर्पित करते हुए लक्ष्मी की कामना करते हुए आगे बताये गए शनि मन्त्र का स्मरण करे !

शनि देव के मंत्र :-

ॐ धनदाय नम:

ॐ मन्दाय नम:

ॐ मन्दचेष्टाय नम:

ॐ क्रूराय नम:

ॐ भानुपुत्राय नम:

व्यपार में घटा हो रह या व्यपार में कर्ज बड रहा है तो व्यापार वृधि व् कर्ज निवारण मन्त्र के साथ अभी मन्त्र, काशी श्री फल, लघु नारियल को तेल व् सिंदूर लगाकर सायकाल शनि देवी मंदिर में चढ़ा दे या मंदिर में प्रवाहित कर दे ! यह एक अचूक प्रयोग है !

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