राजनीति

सत्ता बंटवारे को लेकर शिवसेना और बीजेपी में ठ’नी, कांग्रेस चल सकती बड़ा दांव..

महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना में खींचतान बढ़ गई है। भले ही इन दोनों पार्टियों ने इस बार गठबंधन में चुनाव लड़ा है लेकिन यह दोनों ही पार्टियां अक्सर एक दूसरे के खिलाफ ब’यान बा’जी करने के लिए चर्चा में बनी रहती हैं।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर भले ही उभरी है। लेकिन सरकार बनाने में शिवसेना भी अहम रोल निभाने वाली है क्योंकि अगर शिवसेना भारतीय जनता पार्टी को समर्थन नहीं देती तो बीजेपी राज्य में अकेले सरकार नहीं बना पाएगी। अब खबर सामने आ रही है कि बीजेपी और शिवसेना ने अपना-अपना संख्या बल बढ़ाने की कोशिशों के तहत 5 विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया है।

बता दें, भाजपा को समर्थन की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में ”कौन बनेगा मुख्यमंत्री” पर खीं’चतान तेज़ है। शिव सेना की मांग इस बार जिस तरह की है। उसके बाद भाजपा भी अपनी ओर से पूरी तैयारी करने में जुट गई है।

बीजेपी भी अब ये जताने में लग गई है कि उनके पास सीटें भी ज़्यादा हैं और वो किसी हाल में मुख्यमंत्री की कुर्सी देने को तैयार नहीं हैं। शिव सेना उस समय और मज़बूती से अपनी मांग करने लगी जब उसके पास दो और विधायकों का समर्थन आ गया। ग़ौरतलब है कि प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो विधायकों ने शि’व’सेना को समर्थन दिया है।

इस मामले में शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि भले ही 2014 की अपेक्षा शिवसेना ने इस चुनाव में कम सीटों पर जीत हासिल की है, लेकिन सत्ता का रिमोट अब उद्धव ठाकरे के पास है। इस मामले पर बोलते हुए भाजपा नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला भाजपा-शिवसेना गठबंधन मज़बूत सरकार देगा।

आपको बता दें कि शिवसेना भारतीय जनता पार्टी से यह मांग कर रही है कि इस बार राज्य का मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से ही चुना जाएगा। माना जा रहा है कि शिवसेना इसके लिए आदित्य ठाकरे का नाम सामने रख रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी उनकी इस मांग को स्वीकार करती है या नहीं।

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