हिरास’त में लिए गए आज़म ख़ान के बेटे पर जो इल’ज़ाम है वो कई लोग..

रामपुर: समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं के पीछे इस समय उत्तर प्रदेश प्रशासन हाथ धो कर पड़ गया है. आज़म ख़ान जोकि पिछले दिनों एक बार फिर एक विवा’दित बयान के चक्कर में आलोचना का शिकार हुए थे. अब उनके बेटे पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने शि’कंजा कसा है. आज़म के बेटे अब्दुल्ला जोकि विधायक भी हैं उन्हें एक ऐसे मामले में हि’रासत में लिया गया है जिसे सुनने के बाद किसी को यक़ीन नहीं हो रहा कि इस मामले में भी कोई अ’रेस्ट हो सकता है.

असल में अब्दुल्ला पर आ’रोप है कि उन्होंने दो जन्म-तिथि का इस्तेमाल किया है. यूँ तो इस तरह के मामले लगभग हर गली में मिल जाएँगे लेकिन उत्तर प्रदेश पुलि’स को ये मामला कुछ ज़्यादा ही बड़ा दिख रहा है. सपा नेता कह रहे हैं कि ये सिर्फ़ सपा नेताओं को फं’साने, उन्हें प’रेशान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. अब्दुल्ला को जौहर यूनिवर्सिटी में तला’शी के दौरान हि’रासत में लिया गया.

सीओ सिटी अपनी गाड़ी से विधायक अब्दुल्ला को बाहर ले गए हैं। सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खां के ख़ि’लाफ़ भाजपा नेता आकाश सक्सेना हनी ने धो’खाधड़ी की रि’पोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही पासपोर्ट ज’ब्त किए जाने की मांग की गई थी। विधायक के खिला’फ सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट की गई थी। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने रिपो’र्ट में आ’रोप लगाया था कि विधायक अब्दुल्ला आजम ने असत्य और कूटरचित दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। इसे उपयोग में भी लाया जा रहा है।

सपा विधायक पर आरोप है कि उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों हाईस्कूल, बीटेक और एमटेक में जन्मतिथि एक जनवरी वर्ष 1993 अंकित है, जबकि पासपोर्ट में 30 सितंबर वर्ष 1990 दर्शाई गई है। पासपोर्ट का इस्तेमाल विदेश यात्राओं में तो किया ही जा रहा है, साथ ही वव्साय में भी इसका इस्तेमाल हो रहा है. पासपोर्ट को व्यापार और व्यवसाय में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विदेश यात्रा में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पहचानपत्र और आर्थिक लाभ लेने के लिए शैक्षिक संस्थानों की मान्यता में भी इस्तेमाल किया गया है। इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाए और पासपोर्ट भी जब्त किया जाए।

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