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गौठान के बनने से लावारिस पशुओं को रखने में मिली सहूलियत: फसलों की सुरक्षा से किसानों को मिली राहत

उत्तर बस्तर कांकेर : राज्य सरकार की सुराजी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के तहत जिले के सभी विकासखण्डों में आदर्श गौठान का निर्माण किया गया हैं जिसमें गॉवों की पशुओं एवं लावारिस पशुओं का संरक्षित कर चारा पानी की व्यवस्था किया गया है। कृषि विभाग के सहयोग से महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा गौठान में वर्मीकम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें गॉवों के स्व-सहायता समूह के महिलाओं को स्वरोजगार मिल रहा है। कांकेर जिले में सात मॉडल गौठान सहित अब तक 83 गौठानों का निर्माण किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया श्री भूपेश बघेल की लोक कल्याणकारी योजना से लोगों को गौठान में स्व-रोजगार भी मिल रहा है, बेरोजगार लोग अब गौठान में चरवाहा के रूप में कार्य करने लगे है, आवारा पशुओं को गौठान में रखकर देखभाल कर रहे है इस कारण गॉवों के किसान भी बेहद खुश हैं क्योंकि उनके फसलों को अब लावारिस पशु बर्बाद नहीं करते और अच्छी पैदावार में सुविधा मिलेगा।
चारामा विकासखण्ड के ग्राम लखनपुरी में 15 लाख रूपये की लागत से 10 एकड़ में आदर्श गौठान का निर्माण किया गया है जिसमें गांव के महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों को स्व-रोजगार मिल गया है। वे गौठान में प्रतिदिन अपने कार्य को लगन से करते है, वर्मीकम्पोस्ट खाद के निर्माण के साथ-साथ फेंसिंग तार के खम्भे का भी निर्माण कर रही हैं। उनके द्वारा बनाई गई फेंसिंग पोल को गांव वाले खरीद कर अपने बाड़ियो में तार फेंसिंग लगाकर सब्जी-भाजी का उत्पादन वर्मीकम्पोस्ट खाद से करने लगे है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्मीकम्पोस्ट खाद से उत्पादन किये गये साग-सब्जी बहुत ही स्वादिष्ट होता है, इसको खाने से संतुष्टि के साथ-साथ शरीर में पोषक तत्व की कमी भी दूर होता है।

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