भाई के रहते चार बहनों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा, सामने आई शॉक्ड कर देने वाली ये कहानी

पिता के मौत की खबर मिलते ही उनकी चार बेटियां पहुंच गई। फिर उन्होंने आपस में फैसला किया कि वो ही पिता का अंतिम संस्कार करेंगी। फिर, क्या उन्होंने अर्थी को कंधा दिया और पूरे हिंदू संस्कार के साथ उनका अंतिम संस्कार किया। जिसे देखकर आस-पास के लोग हैरान रह गए।

झांसी (Uttar Pradesh) । अक्सर हमने सुना है कि अंतिम संस्कार के समय बेटे माता पिता की चिता को मुखाग्नि देते सारी रस्में निभाई है। लेकिन झांसी से इससे विपरीत एक अनोखा मामला सामने आया है जहां बेटे के होते हुए पिता के अंतिम संस्कार की सारी रस्में उनकी चार बेटियों ने की और अपने भाई को उनके शव के आसपास भटकने नहीं दिया। भाई के रहते चार बहनों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दी। इसके बाद घाट पर ले जाकर उनका अंतिम संस्कार भी की। यह सब देख मौजूद लोग भी हैरान गए। जिसकी तस्वीर वायरल हो रही है। ऐसे में आपको इसके पीछे की पूरी कहानी बता रहे हैं, जिसे सुनकर आप भी शॉक्ड हो जाएंगे।

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यह है पूरा मामला

नवाबाद थाना क्षेत्र के डडियापुरा गल्ला मंडी रोड निवासी गौरेलाल साहू का अपने बेटे से नहीं पटती थी। दोनों आपस में लड़ते रहते थे। इसी बीच गौरेलाल की बीते शुक्रवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।

ये सब देख लोग हो गए हैरान

पिता के मौत की खबर मिलते ही उनकी चार बेटियां पहुंच गई। फिर उन्होंने आपस में फैसला किया कि वो ही पिता का अंतिम संस्कार करेंगी। फिर, क्या उन्होंने अर्थी को कंधा दिया और पूरे हिंदू संस्कार के साथ उनका अंतिम संस्कार किया। जिसे देखकर आस-पास के लोग हैरान रह गए।

बेटियों ने सुनाई ये कहानी

भाई के होते हुए चार बहनों ने दिया पिता को कंधा - वजह जानकर आप भी हो जायेगे हैरान। - SR News

लोगों के पूछने उन्होंने बताया कि उनका भाई, पिता के साथ लड़ाई करता था। आए दिन उनको प्रताड़ित करता था। इसलिए चारों बहन मिलकर पिता की देखभाल करती थीं। जब पिता का निधन हुआ तो सभी ने तय किया कि भाई को शव को हाथ नहीं लगाने देंगे और अंतिम संस्कार की रस्म को निभाया।

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