नवरात्र में भूलकर न करें ये 10 गलती, महिलाएं बिल्कुल न करें ये काम

मां की मूर्ति स्थापित की जाएगी व कलश स्थापना होगी। इस पूजा-पाठ से पहले आपको इससे जुड़े नियमों के बारे जरूर जान लेना चाहिए।

रायपुर। शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है। इस बार नवरात्रि पर विशेष संयोग बन रहा है। आमतौर पर नवरात्रि नौ दिनों की होती है। देवी मां की भक्ति में डूबे भक्त नौ दिन तक उपवास करेंगे। मां की मूर्ति स्थापित की जाएगी व कलश स्थापना होगी। इस पूजा-पाठ से पहले आपको इससे जुड़े नियमों के बारे जरूर जान लेना चाहिए।

अश्विन महीने की प्रतिपदा से नवरात्रि शुरू होती हैं. इसी दिन घट स्थापना की जाती है. इस साल 7 अक्‍टूबर 2021 को घट स्‍थापना (Ghat Sthapana 2021) के लिए शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) सुबह 06:17 मिनट से 10:11 मिनट तक रहेगा. इसके बाद अभिजीत मुहूर्त 11:46 मिनट से 12:32 मिनट तक रहेगा. घर में घट स्‍थापना (Ghat Sthapana) करने के अलावा जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमा भी स्‍थापित होती है. दशहरा के दिन इन प्रतिमाओं का विसर्जन होता है. इस साल दशहरा 15 अक्‍टूबर को मनाया जाएगा.

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इन 10 बातों का रखें ध्यान

नवरात्रि के दौरान उपवास करने वाले व्यक्ति को दाढ़ी-मूछ वा बाल नहीं कटवाने चाहिए।- कलश स्थापना के बाद घर को खाली नहीं छोडऩा चाहिए।- नौ दिन तक सात्विक भोजन करना चाहिए। इस दौरान नॉनवेज व लहसुन, प्याज का सेवन न करें।- उपवास करने वाले व्यक्ति को व्रत के खाने में अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।- विष्णु पुराण के अनुसार नवरात्रि व्रत के समय दिन में नहीं सोना चाहिए।

ये करें

व्रत के में कुट्टु का आटा, समारी चावल, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक, फल, आलू, मेवे, मूंगफली खानी चाहिए।- ब्रम्हमुहूर्त में स्नान कर देवी मां का पूजन करना चाहिए। सूर्योदय के पूर्व पूजन से देवी मां प्रसन्न होती हैं।- नौ देवियों को दिन के अनुरूप उन्हें भोग लगाना चाहिए व उनका पूजन विधान से करना चाहिए।

– नौ देवियों के अनुरूप उन्हें पुष्प अर्पित करना चाहिए। इससे देवी मां प्रसन्न होती हैं।- नौ दिन में चौबीस हजार गायत्री मंत्रों का जाप करना चाहिए।- तुलसी, चंदन और रुद्राक्ष की मालाओं का उपयोग जाप के लिए करना चाहिए। – नौ देवियों के अनुरूप उन्हें पुष्प अर्पित करना चाहिए। इससे देवी मां प्रसन्न होती हैं।- नौ दिन में चौबीस हजार गायत्री मंत्रों का जाप करना चाहिए।- तुलसी, चंदन और रुद्राक्ष की मालाओं का उपयोग जाप के लिए करना चाहिए।

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