हर साल 8000Km पेंगुइन तैरकर इस बुजुर्ग से मिलने आता है

1 दोस्‍ती और प्रेम की मिसाल

अगस्‍त महीने के पहले रविवार को दुनियाभर में दोस्‍ती का जश्‍न मनाया जाता है। इस बार रविवार 5 अगस्‍त 2018 को फ्रेंडश‍िप डे का त्‍योहार मनाया जा रहा है। वैसे तो हमारे आस-पास दोस्‍ती की ऐसी कई कहानियां हैं, जो मिसाल के तौर पर ली जाती हैं। लेकिन आज आपको एक बुजुर्ग और एक पेंगुइन की दोस्‍ती का ऐसा किस्‍सा बताते हैं जो अपने आप में अद्व‍ितीय है।

2 इंसान और पेंगुइन की दोस्‍ती

जोआओ परेरा डिसूजा की उम्र अब 73 साल है। यूं तो जोआओ के कई दोस्‍त हैं, लेकिन सबसे खास है एक पेंगुइन। दोनों की दोस्‍ती इतनी पक्‍की है कि पेंगुइन हर साल 8 हजार से ज्यादा किलोमीटर तैरकर इस बुजुर्ग से मिलने आता है।

3 एक बार बचाई थी पेंगुइन की जान

पेंगुइन और जोआओ के बीच दोस्ती की नींव रियो डी जेनेरियो के पास एक टापू पर पड़ी। जोआओ वहां मिस्त्री का काम किया करते थे। वह कभी-कभी मछलियां पकड़कर पैसे भी कमाते थे। जोआओ बताते हैं, ‘साल 2011 में जब वह एक बार मछलियां पकड़ने समुद्री तट पर पहुंचे तो उन्हें वहां पास में पड़े पत्‍थरों के बीच एक नन्हा-सा पेंगुइन दिखा।’

4 जब तक ठीक नहीं हुआ, घर में रखा

जोआओ बताते हैं कि वह पेंगुइन मुश्किल में था। उसका पूरा शरीर तेल से सना हुआ था और वह छटपटा रहा था। जोआओ से रहा नहीं गया। वह पेंगुइन को उठाकर घर ले आए और उसे डिनडिम नाम से पुकारने लगे। पेंगुइन जब तक पूरी तरह स्‍वस्‍थ नहीं हो गया, जोआओ ने उसे अपने साथ रखा। यह समय हफ्तेभर से अध‍िक का था। डिनडिम के ठीक हो जाने पर वह उसे वापस समुद्र में छोड़ आए।

5 हर साल 8 महीने साथ रहते हैं दोनों

मजेदार बात यह रही कि समुद्र में छोड़ आने के कुछ महीने बाद पेंगुइन वापस उसी टापू पर लौट आया। इस बार फिर जोआओ डिनडिम को घर लेकर आए। तब से अब तक लगातार हर साल डिनडिम करीब 8 महीने जोआओ के साथ उनके घर में रहता है। बाकी महीने वह ब्रीडिंग के लिए अर्जेंटीना चला जाता है।

6 ‘डिनडिम अब मेरे बच्‍चे की तरह है’

दिलचस्‍प बात यह भी है कि डिनडिम की यह यात्रा हर साल 8000 किलोमीटर की होती है। जोआओ कहते हैं, ‘डिनडिम अब मेरे बच्‍चे की तरह है। सुना था कि पेंगुइन और इंसानों में बड़ी अच्‍छी दोस्‍ती होती है। अब इस पर विश्‍वास भी हो गया है।

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