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सुबह फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली

अंजना ओम कश्यप ने अनजाने में ही कहा हो, लेकिन आज सुबह होते होते उनकी बात सच साबित होती दिखी, शिव सेना के उभरते सितारे आदित्य ठाकरे शिव सेना के राहुल गांधी साबित होंगे’. यह हम नहीं बोल रहे बल्की कुछ दिन पहले आजतक की तेज तर्रार एंकर अंजना ओम कश्यप कह रहीं थीं और इस बात को आज के घटनाक्रम से जोड़कर देखें तो वाकय फिट बैठता है। दरअसल शनिवार को सुबह जब सभी ने टीवी ऑन किया तो देखते ही लगा कि आज सभी चैनल फेक न्यूज क्यों चला रहे लेकिन कुछ ही पलों में खबरों की सच्चाई सामने आ गई, क्योंकि दिनदहाड़े महफिल लूटने वालों ने अपना कमाल दिखा दिया। और महाराष्ट्र में अब भाजपा और राकांपा की सरकार बन चुकी है। भाजपा के पास 105 और राकांपा के 54 विधायक, बहुमत के लिए 145 का आंकड़ा चाहिए। देवेंद्र फड़णवीस ने कहा- शिवसेना की वजह से ऐसी नौबत आई, हमारे नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह का बहुत आभार। अजीत पवार ने कहा- हम किसानों की समस्या हल करने के लिए साथ आए हैं। फ्लोर टेस्ट होना अभी बाकी है। हमारी ओर से नई सरकार को बधाई।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को आए थे। ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री की बात पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन में दरार पड़ गई। इसके बाद कई दौर की बातचीत के बाद शिवसेना-राकांपा और कांग्रेस में सरकार बनाने को लेकर सहमति बनती दिखी। शुक्रवार रात राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने साफ कर दिया था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर सहमति बन गई है। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि बातचीत में कई मुद्दे सुलझा लिए हैं, लेकिन अभी कुछ मसलों पर बातचीत चल रही है।

मोदी ने फडणवीस को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फडणवीस को ट्वीट कर बधाई दी। मोदी ने कहा, “फडणवीस जी को मुख्यमंत्री और अजित पवार जी को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की बधाई। मुझे विश्वास है कि दोनों महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिश्रम और लगन से काम करेंगे।”

‘शिवसेना की वजह से ऐसा हुआ’

फडणवीस ने कहा, ‘‘हमारे नेता मोदी जी और शाह जी का बहुत आभार। उन्होंने फिर एक बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे सेवा करने का मौका दिया। महाराष्ट्र की जनता ने एक स्पष्ट जनादेश दिया था। शिवसेना ने हमारे साथ गठबंधन करने के बजाय दूसरी जगह गठबंधन करने का फैसला किया। शिवसेना की वजह से ऐसी नौबत आई। महाराष्ट्र जैसे अगड़े राज्य को यह शोभा नहीं देता कि यहां ज्यादा दिन राष्ट्रपति शासन लगा रहे। यहां ऐसी कोई सरकार बननी भी नहीं चाहिए जो ज्यादा दिन चल न सके। मैं अजित पवार जी का शुक्रिया करना चाहूंगा कि वे हमारे साथ आए। इसलिए हमने राज्यपाल जी को दावा पेश किया। राज्यपाल जी ने राष्ट्रपति जी से चर्चा की कि शासन हटाने की अनुशंसा की जाए। इसलिए राज्यपाल जी ने हमें शपथ के लिए बुलाया।’’ अजित पवार ने कहा कि हम किसानों की समस्या हल करने के लिए साथ आए हैं।

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