राष्ट्रीय

संस्कार भारती का दो दिवसीय अधिवेशन भोपाल में हुआ सम्पन्न

भोपाल*। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, स्वतंत्रता की 75 वी वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में विभिन्न सांस्कृतिक और अन्य नवोन्मेष कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आजादी के लिये मर मिटने वाले क्रांतिवीरों की गाथा का पुण्य स्मरण कराने एवं देश के प्रति प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित कराने का अभिनव अभियान देश में चल रहा है। लेकिन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान में संस्कार भारती के 2 दिवसीय अभ्यास वर्ग में कुछ अनूठा ही देखने को मिला। ये पहला अवसर होगा जब युवा देश की आजादी के लिये प्राण न्योछावर करने वाले क्रांतिवीरों की याद में अमृत महोत्सव के अवसर पर वर्षभर का समयदान देकर (घर परिवार से दूर रहकर )उनकी गाथाओं का गुणगान कर नागरिकों में देशभक्तों के प्रति प्रखर लौ प्रज्वल्लित करने का काम करेंगे।

देश का पहला अभ्यास वर्ग

प्रदेश ही नही, देश में संस्कार भारती का ये पहला प्रादेशिक अभ्यास वर्ग है, जिसमें प्रदेशभर से युवा राजधानी में एकत्र हुए हैं। दो दिवसीय इस अधिवेशन में कई गणमान्य नागरिकों और प्रमुख हस्तियों ने विषय विशेषज्ञ के रूप में सत्र लिये। युवाओ को इस अवसर पर मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति, रंगमंच, चित्रकला,पुरातत्व,फ़िल्म, संगीत,परंपरा, आदिवासी कला , संस्कार इत्यादि विषयों पर भिन्न भिन्न सत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया।

विषय विशेषज्ञ के रूप में ये रहे उपस्थित

विषय विशेषज्ञ के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्र सह कार्यवाह श्री हेमंत मुक्तिबोध, वरिष्ठ अभिनेता एवं संस्कार भारती के प्रांत अध्यक्ष श्री राजीव वर्मा, श्रीपाद जोशी, संगीतकार श्री अजय विश्वरूप, संस्कार भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री प्रमोद झा, श्री अदिति त्रिपाठी, श्री अजातशत्रु सेवानिवृत्त आईएएस, मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री आलोक चटर्जी, श्री आनंद नंदेश्वर, श्रीमती दुर्गा मिश्रा, श्री मुनेंद्र मिश्रा, डॉक्टर पूजा श्रीवास्तव, श्री सुरेश राठोर, डॉ रेखा भटनागर, श्री गोविंद विश्वकर्मा, श्री रामवीर कुशवाह, श्री नीरज कुमार, श्री हिमांशु, डॉ हेमंत देशमुख, श्री अरूणा शर्मा, श्री आलोक शर्मा ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से मध्यप्रदेश की कला,संस्कृति, रंगमंच, नाट्य, परंपरा इत्यादि पर प्रकाश डाला।

युवाओं ने लिया संकल्प

प्रदेशभर से आये 30 से अधिक युवाओं ने संकल्प लिया कि मध्यप्रदेश की कला,विरासत,संस्कृति और धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे एवं आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर क्रांतिवीरों के पुण्य स्मरण में वर्षभर का समय देकर केवल और केवल भारत की आजादी के परवानों की गाथाओं का स्मरण करा नागरिकों में देशभक्तों के प्रति निष्ठा का जागरण करेंगे।

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