शादीशुदा औरते मायके से भूलकर भी न लायें 3 चीजे, पति की हो जाती है जल्दी मौत

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हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उसकी बेटी की शादी काफी शानदार तरीके से की जाए। इसके लिए वह पूरे जीवन मेहनत करता है और पैसे इकट्ठा करता है। बेटी के लिए माता-पिता बढि़या से बढि़या वर की खोज करते हैं और फिर उसकी शादी करते हैं।

सभी माता-पिता के लिए बेटी की शादी जिम्मेदारी के साथ-साथ उसके प्रति स्नेह व प्यार जताने का भी तरीका है। शादी समारोह की शुरुआत से लेकर विदाई तक, लड़की के माता पिता व रिश्तेदार कोई भी ऐसा काम नहीं करते हैं, जिससे शादी में अड़चन आए। माता-पिता बेटी के भविष्य को बेहतर करने के लिए गिफ्ट्स भी देते हैं।

कई माता-पिता ऐसे होते हैं, जो अपनी बेटी को धार्मिक वस्तुएं भी देते हैं। लेकिन मान्यताएं हैं कि बेटी को तोहफे देते वक्त कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखना चाहिए। वहीं, कुछ लोग अपनी बेटी को विदाई के समय भगवान की मूर्तियां भी देते हैं। लेकिन ज्योतिष की मानें तो अपनी बेटी को शादी के वक्त एक भगवान की मूर्ति कभी नहीं देनी चाहिए। अगली स्लाइड में जानिए, बेटी की शादी के समय कौन सी मूर्ति नहीं देनी चाहिए:

बेटी को गणेश भगवान की मूर्ति कभी न दें

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, जब भी कोई पूजा पाठ करता है तो वह भगवान गणेश से ही शुरुआत करता है। सभी देवी-देवताओं में गणेश जी का स्थान काफी अहम माना गया है। लेकिन अगर आप बेटी की शादी में उसे गणेश भगवान की मूर्ति भेंट करने के बारे में विचार बना रहे हैं तो यह विचार तुरंत बदल देना चाहिए। इसके पीछे कारण यह है कि ज्योतिष में बेटियों को लक्ष्मी के रूप में माना जाता है।

वहीं, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का एकसाथ होना धन के आने का संकेत माना जाता है। ऐसे में यदि कोई बेटी को केवल गणेश भगवान की मूर्ति भेंट करता है तो मायके में धन की हानि होती है। केवल गणेश भगवान की मूर्ति ले जाने की वजह से मायके में हमेशा कलह और पैसों की तंगी बनी रहती है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय छोटी छोटी बातो का ध्यान रखना जरुरी होता है. आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनकी सुंड किस दिशा में है. क्योंकि उनकी सुंड हमेशा बाईं तरफ होनी चाहिए. शास्त्रों के हिसाब से उनका रख रखाव आसनी से हो जाता है.

ऐसा बिलकुल भी नही है कि दाई तरफ सुंड वाले गणपति को घर में नही लाया जाता है ऐसी मूर्ति भी आप खरीद सकते है. लेकिन दाई तरफ सुंड वाली मूर्ति का पूजा पाठ का विधान बिलकुल अलग होता है. अगर गणेश जी का सही तरीके से पूजा नही की जाती है तो आपको फायदे की जगह नुक्सान हो सकता है.

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