शनि 2022 तक इस राशि वालों को सबसे अधिक करेंगे परेशान, क्योंकि चल रहा है शनि साढ़े साती का सबसे कष्टदायी चरण

ऐसा नहीं है कि शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) सभी के लिए कष्टदायी साबित हो। जिनकी कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में विराजमान होते हैं उनके लिए ये दशा किसी वरदान से कम नहीं होती।

शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) के तीन चरण होते हैं। इसके पहले चरण में व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दूसरे चरण में आर्थिक के साथ पारिवारिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। तीसरे चरण में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं। इस दौरान वाद-विवाद होने के भी ज्यादा चांस रहते हैं। लेकिन इन तीनों ही चरणों में सबसे ज्यादा कष्टदायी दूसरा चरण माना जाता है जिसे शिखर चरण भी कहते हैं। जानिए किस राशि के जातकों पर शनि साढ़े साती का सबसे कष्टदायी चरण चल रहा है।

इस राशि पर चल रहा है शनि साढ़े साती का कष्टदायी चरण: शनि 2020 से ही मकर राशि में गोचर कर रहे हैं और अभी मकर वालों पर ही शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। आपको इस चरण से मुक्ति 29 अप्रैल 2022 को मिलेगी। तब तक आपको अपने हर काम में सावधानी बरतने की जरूरत पड़ेगी। इस चरण में मकर वालों को अपने लोगों से कष्ट प्राप्त होने के प्रबल आसार दिखाई दे रहे हैं। यात्रा कष्टदायी साबित हो सकती है। धन-संपत्ति के जुड़े मामलों को लेकर परेशान हो सकते हैं। इस अवधि में किसी भी काम को पूरा करने के लिए आपको अत्याधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

शनि साढ़े साती का प्रभाव: ऐसा नहीं है कि शनि साढ़े साती सभी के लिए कष्टदायी साबित हो। जिनकी कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में विराजमान होते हैं उनके लिए ये दशा किसी वरदान से कम नहीं होती। साथ ही जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, मान्यता है उन्हें भी शनि परेशान नहीं करते। कहा जाता है शनि साढ़े साती व्यक्ति को अच्छे सबक सिखाने वाली होती है। इस अवधि में शनि दंड देते हुए व्यक्ति को सही राह पर चलने का संदेश देते हैं। अमूमन मकर, कुंभ, धनु और मीन लग्न वालों के लिए शनि साढ़े साती उतनी खराब नहीं होती।

शनि साढ़े साती से बचने के उपाय:

इस दौरान भगवान शनि देव की अराधना के साथ, भगवान शिव और हनुमान जी की अराधना भी करनी चाहिए। भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय ‘ का जाप या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। हर सोमवार शिवलिंग पर दूध और बेलपत्र अर्पित करना चाहिए। साढ़े साती के दौरान छाया दान करना चाहिए। शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। जैसे सरसों का तेल, काले तिल, उड़द की दाल आदि दान कर सकते हैं। साढ़ेसाती के दौरान शनि स्तोत्र का नियमित पाठ करना चाहिए।

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