अब शिवसेना को 5 निर्दलीय विधायकों ने दिया समर्थन, NCP के ऊपर..

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना अभी तक आपसी सहमति से यह तय नहीं कर पाई है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के बीच खींचतान के साथ-साथ दबाव की राजनीति भी चल रही है। क्योंकि चुनाव नतीजे आने के बाद से ही शि’वसे’ना ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सरकार बनाने पर अड़ी है।

जबकि बीजेपी विधायकों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी होने का ह’वा’ला देते हुए इस फॉर्मूले पर सहमत नहीं है। सोमवार को बीजेपी और शिवसेना ने अलग-अलग महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद पर चल रही र’स्सा’कशी के बीच भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना अब निर्दलीय विधायकों के जरिए अपने समीकरण को सही करने में जुट गई हैं।

अभी तक 6 निर्दलीय विधायक दोनों दलों के समर्थन की बात कह चुके हैं। इनमें से 3 निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी और 3 ने शिवसेना को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके अलावा प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो विधायक शिवसेना के साथ खड़े हैं। इसी बीच यह है चर्चाएं भी जो’रों शो’रों से चल रही हैं कि शिवसेना एनसीपी के साथ गठबंधन कर सकती है।

आपको बता दें कि शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी में चल रही इस दबाब की राजनीति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 30 अक्टूबर को मुंबई पहुंचने वाले हैं और शिवसेना के साथ सरकार के गठन के फार्मूले को लेकर बैठक करेंगे।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों में 2014 के मुकाबले भाजपा की कम सीटें आने के बाद से शिवसेना ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने सोमवार को एक बार फिर बीजेपी को ग’ठबं’धन ध’र्म निभाने की याद दिलाई और कहा कि बीजेपी को 50-50 फॉर्मूले को निभाना चाहिए। महाराष्ट्र की 288 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने चुनाव में 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं।

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