मिथुन राशि में शुक्र का गोचर, 12 में से इन 3 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, हो जाएंगे मालामाल

ज्योतिर्विद बब्बन कुमार सिंह 8989098404 

वृषभ और तुला राशि का स्वामी शुक्र ग्रह को मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में नीच प्रभाव का माना जाता है. यह जातक को सांसारिक सुख और ऐश्वर्य देता है. किसी जातक की कुंडली में शुक्र की स्थिति से उसकी वैवाहिक दशा भी तय होती है. इसके अशुभ प्रभाव से जातक के परिवार में टूट, यौन रोग और सांसारिक सुख में कमी आदि देखी जाती है.
28-29 जून की रात करीब 1.10 बजे शुक्र वृष से मिथुन राशि में प्रवेश किया और यह 23 जुलाई 2019  मंगलवार को दोपहर 12:45 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा. मिथुन राशि में सूर्य और राहु पहले से स्थित है और 17 जुलाई तक यहां सूर्य-शुक्र की युति यहां बनी रहेगी और राहु के साथ ये पूरे काल साथ में रहेंगे. मिथुन राशि में शुक्र का गोचर नाटकीय प्रभावों वाला हो सकता है क्योंकि यह न केवल नोड के जद में है बल्कि यह शनि से सामने से दृष्ट भी है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव 14 जुलाई से 20 जुलाई तक विशेष दिखेगा जब इनके सबसे पास से गुजरेगा. 16-17-18 को यह पहले शनि फिर राहु के साथ एक अंश का संबंध बनाएगा. संयोग से भारत में इसी समय आंशिक चंद्र ग्रहण भी होगा. 16 -17 जुलाई 2019 को लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई यानि मंगलवार को ही लग जाएगा. ये ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लग रहा है. चंद्र ग्रहण लगने का समय 16 जुलाई की मध्यरात्रि 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होगा जो कि करीब 3 घंटे तक रहेगा. इसका विशेष शुभ-अशुभ असर देश और जातक पर एक सप्ताह के अंदर देखा जा सकता है.

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मेष राशि -तीसरे भाव में गोचर से कार्य क्षेत्र में विस्तार होगा लेकिन इसके लिए अधिक मेहनत करना होगी. ये गोचर सफलता के साथ धन योग भी दे रहा है. कामकाज के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है जो सफल रहेगी.  इस दौर में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है. शादीशुदा लोगों को इस दौरान विशेष लाभ की प्राप्ति हो सकती है या परिवार के साथ आसपास की किसी जगह पर यात्रा के लिए जा सकते हैं. पारिवारिक स्तर पर आप इस दौरान अपने भाई-बहन के काम आएंगे जिससे कामकाज को लेकर उनका कार्यभार थोड़ा कम होगा. ये गोचर पुराने मित्रों से मिलने का अवसर मिलेगा और सामाजिक स्तर पर मान सम्मान में वृद्धि होगी.
वृषभ राशि- दूसरे भाव में गोचर. बातचीत के कौशल में बेहतरी आएगी. फलतः जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता मिलेगी. अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए भी आप कुछ अच्छे आईडिया सोच सकते हैं. इस दौर में परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है. यदि आप शादीशुदा हैं तो इस गोचर काल में आपके जीवनसाथी की सेहत में गिरावट हो सकती है. कोर्ट कचहरी से जुड़ा फैसला आपके पक्ष में आने की पूरी उम्मीद. संतान से सुख प्राप्त होगा.
मिथुन राशि-पहले भाव में गोचर से नई चीजों को सीखने की और ज्ञान प्राप्त करने की लालसा बढ़ेगी. किसी विदेशी अनजान शख़्स की सलाह से लाभ. इस दौरान आपके प्रेम संबंध में नयापन आएगा और आप दोनों के बीच रोमांस बढ़ेगा. कार्यस्थल पर अभी किये काम का भविष्य में फायदा तय.

कर्क राशि-बारहवें भाव में गोचर. भौतिक जीवन का लाभ उठाने का समय. भौतिक जीवन के लिए ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है. यदि आप किसी व्यापार से जुड़े हैं तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपको विदेश यात्रा का लाभ प्राप्त हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आप नौकरी बदलने का समय लेकिन सतर्कता के साथ.  इस दौरान संभवतः आप परिवार वालों के साथ किसी यात्रा पर भी जा सकते हैं. व्यय भाव का शुक्र आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां बढ़ा सकता है. प्रेम प्रसंग में निराशा मिल सकती है.

सिंह राशि -शुक्र का गोचर ग्यारहवें भाव में. इस गोचर के दौरान यदि आप किसी भी क्षेत्र में प्रयास करते हैं तो उसमें आपको सफलता ज़रूर हासिल होगी. अपने कलात्मक कार्यों के जरिये असीम लाभ प्राप्त कर सकते हैं. जीवन साथी के साथ शुभ समय. इस गोचर काल में आप सामाजिक रूप से भी काफी सक्रिय रहेंगे और अपने दोस्तों एवं करीबी रिश्तेदारों के संग किसी आयोजन में हिस्सा भी ले सकते हैं. आर्थिक रूप से देखें तो आपके लिए ये समय थोड़ा कठिन होगा लेकिन चिंता ना करें क्योंकि आपको अपने भाई बहनों से आर्थिक सहायता मिल सकती है. एकादश शुक्र की वजह से न्यायालयीन कार्यों में सफलता मिल सकती है.
कन्या राशि- दसवें भाव में गोचर. नौकरी बदल सकते हैं या विभागीय तबादले हो सकते हैं. यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं तो इस दौरान आपका ट्रांसफर हो सकता है. जहाँ तक पारिवारिक जीवन की बात है तो आज, घर में शांति का वातावरण रहेगा और परिवार के सदस्यों के साथ आप एक अच्छा वक़्त व्यतीत कर पाएंगे. इस गोचर काल के दौरान आपके लिए किसी महिला मित्र का साथ ख़ासा लाभदायक साबित होगा. गोचर काल के दौरान किसी महिला का अनादर ना करें बल्कि उनका सम्मान करें. अटके कार्यों गति आएगी और रुका हुआ पैसा मिलेगा. आपको धन लाभ के भी अवसर मिल सकते हैं. कन्या कन्या राशि के जातकों को इस दौरान अपने कामकाज पर ध्यान देने की जरूरत है.
तुला राशि-नवम भाव में शुक्र. एक तरफ आपको अचानक ही किसी विशेष लाभ की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी तरफ पिता की सेहत बिगड़ने की वजह से मानसिक तनाव का शिकार भी होना पड़ सकता है. हालांकि कार्यक्षेत्र में बड़ा उछल संभव. पारिवारिक स्तर पर आपको भाई बहनों का साथ मिलेगा जिससे आपकी जिम्मेदारियों का बोझ कुछ कम ज़रूर होगा. इसके साथ ही इस दौरान आप किसी लंबी यात्रा पर भी जा सकते हैं जो आपके लिए लाभदायक साबित होगा. लव लाइफ में जीवन साथी का साथ मिलेगा.
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वृश्चिक राशि- आठवें भाव में शुक्र के कारण अपनी सेहत का ख़ास ध्यान रखने की आवश्यकता. हालांकि शुक्र अटके धन की प्राप्ति करा सकता है. इस दौरान आपकी शादीशुदा जिंदगी में मुसीबतें पैदा हो सकती है या जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर बहस की स्थिति बन सकती है. इस अवधि के दौरान वृश्चिक राशि के पुरुष जातकों को विशेष सलाह दी जाती है कि वो महिलाओं का सम्मान करें और उनके साथ मधुर रिश्ता रखें. कार्यस्थल पर आपका कोई सहकर्मी आपके काम का श्रेय खुद ले सकता है. मानसिक शांति के लिए आप ध्यान और योग का सहारा लें.
धनु राशि-सातवें भाव में गोचर. इस दौरान आपको अपने जीवनसाथी का भरपूर साथ मिलेगा. गोचर की इस अवधि के दौरान आप अपने जीवनसाथी की किसी विशेष इच्छा को पूरा करने के लिए उनपर ज्यादा खर्च कर सकते हैं. सामाजिक स्तर पर इस गोचर काल में आपके व्यक्तित्व में सुधार होगा और आप ज्यादा से ज्यादा लोगों के संपर्क में आएंगे। इससे आपके सामाजिक दायरे में तो वृद्धि होगी ही साथ ही समाज में आपका मान सम्मान भी बढ़ेगा. यदि आप किसी व्यापार से जुड़े हैं तो आपके लिए गोचर की ये स्थिति बेहद प्रभावी साबित होगी, इस दौरान आपके व्यापार में वृद्धि होगी और अच्छा मुनाफा भी कमा पाएंगे. नौकरीपेशा लोगों के क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी रहेगी.
मकर राशि- छठे भाव में गोचर. कार्यक्षेत्र में लाभ. इस दौरान आप अपने काम में और भी ज्यादा निपुण होंगें, लेकिन इसके लिए कार्यक्षेत्र में फोकस करने की जरूरत. इस दौर में अपने ख़र्चों पर काबू रखकर चलने की जरुरत होगी. आर्थिक रूप से देखें तो आपके लिए ये गोचर पुराने कर्ज को चुकाने का अच्छा समय लेकर आएगा. इस दौरान कुछ लोगों के लिए शेयर मार्किट में किया जाने वाला निवेश भी फलदायी सिद्ध हो सकता है. यदि आपके बच्चे हैं तो इस अवधि में उनके साथ आपका वैचारिक मतभेद हो सकता है. क्रोध हावी हो सकता है, इसीलिए धैर्य रखें.
कुंभ राशि- पांचवें भाव में शुक्र. इस दौरान आप कार्यक्षेत्र में बदलाव कर सकते हैं, लेकिन ये काम सोच-समझ कर करें. आर्थिक स्तर पर देखें तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपकी आय में वृद्धि हो सकती है और इसका लाभ आपके बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से मिलेगा. यदि आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो इस दौरान आपको अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. अपने पार्टनर के साथ इस दौरान अच्छा वक़्त गुजार पाएंगे. इस गोचरकाल के दौरान आप अपने पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक जगह या शॉपिंग पर भी जा सकते हैं. यदि आप अपने पार्टनर के साथ शादी के बंधन में बंधना चाहते हैं तो, लव मैरिज के लिए ये गोचर सकारात्मक संकेत दे रहा है. कुंभ इस राशि के लोगों को नाम और शोहरत मिल सकती है.
मीन राशि-चौथे भाव में गोचर. निजी जीवन में आपको संतुलन का अनुभव होगा वहीं दूसरी तरफ पारिवारिक स्तर पर आपकी माता जी के सेहत में गिरावट आ सकती है. इस दौरान कार्यस्थल पर आपके प्रदर्शन में वृद्धि होगी, जिससे आपके मान सम्मान में भी वृद्धि होगी. आर्थिक रूप से आप कुछ मुसीबतों का सामना कर सकते हैं हालांकि आर्थिक सहायता के लिए कुछ दोस्त आगे आ सकते हैं. पारिवारिक स्तर पर इस दौरान आपको कोई सुखद समाचार प्राप्त हो सकता है जिससे परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा. आपको अपनी मां की सेहत पर ध्यान देना चाहिए। अगर आप काफी समय से घर या वाहन खरीदने का सपना देख रहे थे तो आपके लिए अच्छा समय है।

शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय-

1. प्रतिदिन गाय को भोजन दें. 2. शुक्रवार के दिन विवाहित जोड़ी को श्वेत मिठाई खिलाएं. 3. शुक्रवार को श्वेत वस्त्र,  दूध-दही, चावल, घी, आदि शुक्र की वस्तुओं का दान दें.

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