क’बा’ड़ की दुकान से मिला इस महान संगीतकार का सूटकेस, खुलते ही हुआ बड़ा खु’ला’सा..

कहते हैं कि समय बहुत बल’वा’न होता है। अगर यह किसी रंक को राजा बनाता है तो राजा को रंक भी बना देता है। समय सबका बदलता है, समय के साथ-साथ हर चीज प्रकृति में कहीं खो जाती है और धीरे-धीरे सब कुछ प्रकृति में ही वि’ली’न हो जाता है। ऐसा कई महान ह’स्ति’यों के साथ भी होता आया है और आगे भी होता रहेगा।

आज हम आपको एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं जो सदी के सबसे उम्दा संगीतकारों में से एक सितार वादक पंडित रविशंकर से जुड़ा हुआ है।
आपको बता दें कि मुंबई में महिम रेलवे स्टेशन के पास एक छोटे से क’बा’ड़ खाने में पंडित रवि शंकर से जुड़े सामान का एक पूरा सू’टके’स पाया गया है। जिसमें उनका पर्स’नल सामान मिला है। बताया जा रहा है कि इस सू’टके’स में उनकी तस्वीरों, चित्रों, संगीत के सुरों और कई अन्य सामान से भरा है।

इस सूटकेस की खोज एक लेखक ने की है। आपको बता दें कि पंडित रविशंकर से जुड़े इस सू’टके’स को एस एम एम औसाजा नामक एक लेखक ने ढूंढा था। उन्होंने अपनी किताब “बॉलीवुड इन पोस्टर्स” को पूरा करने के लिए काफी समय से पुराने समानों की दुकानों यानी कबा’ड़खा’नों को पुरानी फिल्मों के पोस्टरों के लिए खं’गा’ल रहे थे।

इस सूटकेस की त’फ्ती’श के बाद पता चला कि यह पंडित रविशंकर के बेटे ‘शुभो’ का था। जानकारी के लिए आपको बता दें कि 50 साल के शुभो का नि’धन अमरीका में 1992 में हो गया था। इस सूटकेस में पंडित रवि शंकर की तस्वीर, और उन्हीं के नाम पर दिए ग्री’टिं’ग कार्ड से पता चला कि यह सूटकेस बेटे शु’भो का ही था।

सूटकेस से मिले सामान से ये साफ़ जाहिर हो रहा है कि उन्होंने अपने माता पिता और घर की यादें बहुत ही संभाल कर रखी थीं। आज यह सूटकेस एक अनजाने शहर के क’बा’ड़ खाने में मिटटी में मिल रहा था।

आपको बता दें कि भारत रत्न विजेता पंडित रवि शंकर का नि’ध’न साल 2012 में अमरीका के एक अ’स्प’ता’ल में हुआ था। वहीं उनकी पहली पत्नी अन्नपूर्णा देवी का नि’ध’न पिछले साल ही हुआ है। गौरतलब है कि पंडित रवि शंकर को आज भी दुनिया का सबसे उमदा सितार वादक माना जाता है।

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