इस गंभीर बिमारी की वजह से 66 साल से मशीन में बंद है ये व्यक्ति, बाहर निकलते ही हो जाएगी मौत ..

आज के समय में कब क्या हो जाएगा

किसीको भी कुछ नहीं पता होता है जी हां यही कारण है कि आये दिन अजीबो गरीब सी घटनाएं सुनने को मिलता है और ये बात तो आप सभी जानते ही हैं कि ये जमाना सोशल मीडिया का है इसलिए खबरें चाहे छोटी हो या बड़ी सामने आ ही जाती है। आज जो खबर सामने आई है वो भी कुछ ऐसी ही हैम जी है इस खबर को सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

दरअसल ये बात तो आप सभी जानते ही हैं कि आज के जमाने मे मेडिकल साइंस काफी आगे निकल चुका है लेकिन आज जो मामला सुनने को मिला उसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। जी हां दरअसल ये मामला टेक्सास का है जहाँ पोल एलेग्जेंडर पिछले 66 सालों से एक मशीन के अंदर बंद है। बताया जा रहा है कि अगर पोल को इस मशीन से बाहर निकाला जाता है तो उनकी मौत भी हो सकती है।

ये सुनकर भले ही आपको हेरानी हो रही होगी

लेकिन बता दें की ये सच है। दरअसल आपको बताते चलें की पोल को जन्म से ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी हो गई है जिसकी वजह से वो न तो खुद से सांस ले पाते हैं और न ही उनका कोई मसल्स काम कर रहा है। जिसकी वजह से साइंटिस्टो ने पोल को जिंदा रखने के लिए एक ऐसी मशीन को बनाया जिसमें व्यक्ति को कृत्रिम रूप से सांस दिलाई जाती है। जी हां इस मशीन के सहारे ही पोल जिंदा है आज का मेडिकल साइंस इतना आगे हो चुका है की वो कुछ भी कर सकता है।

वैसे आपको बता दें की जिन डॉक्टर्स ने

पोल का इलाज किया था उन्होने पोल के जिंदा बचने की उम्मीद छोड़ दी थी, पर आपको जानकर पोल 1952 में इस मशीन मैं बंद हुए थे जिसके बाद आज तक बंद है। पोलियोएक विषाणु जनित भीषण संक्रामक रोग है जो आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मे संक्रमित विष्ठा या खाने के माध्यम से फैलता है। यह एक उग्र स्वरूप का बच्चों में होनेवाला रोग है, जिसमें स्पाइनल कोर्ड के अष्टश्रृंग तथा उसके अंदर स्थित धूसर वस्तु में अपभ्रंशन हो जाता है और इसके कारण चालकपक्षाघात हो जाता है।

ये वाकई में सुनकर बेहद हैरानी हो रही होगी

दरअसल आपको बता दें की पोल के गर्दन के नीचे का हिस्सा पैरालाइज हो चुका है। ऐसे में साइंटिस्टो ने उनके परिवार के सामने जिंदा रखने के लिए एक उम्मीद बताइ तब परिवार ने साइंटिस्ट की बात मानते हुए पोल को उस मशीन में बंद करवा दिया, जिसमें वह आज भी धरती पर हैं। इस मशीन में रखने से पहले साइंटिस्टो ने पोल पर काफी अध्ययन किया, फिर जाकर उन्हें इस मशीन में रखा गया।

जानकारी के लिए बताते चलें की डॉक्टर का

कहना है की पोलियो वैक्सीन दुनिया की सबसे खास दवा है। अन्यथा पोलियो के मरीज इस तरह मशीनों में बंद होकर रह जाते। यह मशीन एक वैक्यूम पैक चैम्बर की तरह बनाई जाती है।

जिसमें पंप्स के द्वारा इंसान के शरीर में

हवा भेजी जाती है। जब हवा शरीर में जाती और दबाव बढ़ता है तो फेफड़े काम करते हैं। दूषित हवा को फैन के जरिए बाहर निकाल दिया जाता है।

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