हाथियों के डर से महिलाएं और बच्चे रातभर पंचायत भवन में दुबके

अंबिकापुर.कोरबा की ओर से उदयपुर के दूरस्थ भकुरमा इलाके में पहंुचे 9 हाथियों के दल ने बुधवार रात जमकर उत्पात मचाया। रात भर एक गांव से दूसरे गांव तक हाथी आतंक मचाते रहे। इलाके मेंे गर्मी मेंे लगी धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहंुचाया। दर्जन भर से ज्यादा किसानोंे की फसल हाथियों ने रौंद दी। आतंक के चलते गांव की महिलाओं और बच्चों को रात भर पंचायत भवन मेंे रखा गया। हाथी उत्पात मचाने के बाद जंगल की ओर चले गए।

पहाड़ व जंगलों से घिरे उदयपुर के दूरस्थ भकुरमा गांव में दो दिन पहले कोरबा की ओर से नौ हाथियों का दल पहंुचा था। हाथी भकुरमा पंचायत व उसके अासपास ही डटे रहे। बुधवार रात इस दल ने इलाके में लगी गर्मी के धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहंुचाया। भकुरमा सहित पनगोती, बुले, कानाडांड़ एवं बड़ेगांव के 14 किसानों की धान की फसल हाथियों ने बर्बाद कर दी। रातभर खेतों के आसपास ही हाथी डटे रहे। वन विभाग की टीम हाथियों को भगाने के साथ-साथ ग्रामीणों को उनसे दूर करने में लगी रही। सुबह होने से पहले हाथी जंगल की ओर चले गए।

गांव की सीमा पर निगरानी करते रहे

भकुरमा के पास जंगल में हाथियों के डटे रहने से उनके शाम होने के बाद बस्ती की ओर आने की आशंका को देखते हुए इलाके की महिलाओं एवं बच्चों को शाम होते ही पंचायत भवन में रात बिताने भेज दिया गया।

बैठक में पहाड़ी कोरवाओं को नीचे बसने दी समझाइश
रेंजर एसबी पांडेय ने दूरस्थ गांव मनोहरपतरा में ग्रामीणांे की बैठक लेकर हाथियों के उत्पात को राेकने पर चर्चा की। उन्होंने बताया रात में हाथियांे को बस्ती से दूर रखने अदानी से दस तेज रोशनी वाले टार्च की व्यवस्था करा रहे हैं। पहाड़ी कोरवाआें को पहाड़ के नीचे बसाने सरपंच के नेतृत्व में 5 ग्रामीणों की समिति बनाई गई है। बंधु राम पहाड़ी कोरवा ने नीचे बसने सहमति दी। पहाड़ में दो ऐसे दो जगह चिन्हित किए, जहां हाथियों के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी ताकि वे बस्ती की ओर न आएं।

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